याद वहीं पर खड़ी है आज तक याद वहीं पर खड़ी है आज तक
घर में घर में
मध्यांतर में मध्यांतर में
शीशे में शीशे में
क्या रिश्ता उससे मेरा है क्यूँ याद आती हर पल उसकी थम जाता दिल मेरा हैहर बातों में याद उसकी सुख दुःख ... क्या रिश्ता उससे मेरा है क्यूँ याद आती हर पल उसकी थम जाता दिल मेरा हैहर बातों मे...
जो करदे रोशन मेरे इस जहां को, मैं वो चांद ढूंढ लाऊंगी। जो करदे रोशन मेरे इस जहां को, मैं वो चांद ढूंढ लाऊंगी।